घर के बाहर फायरिंग केस में बड़ी सफलता : पानीपत में सीआईए-3 पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नूरवाला की दिनानाथ कॉलोनी में 9 सितंबर की रात घर के बाहर हुई फायरिंग कांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से 5 देसी पिस्तौल, 6 जिंदा कारतूस और 1 खोखा बरामद हुआ है। कोर्ट में पेश करने पर दोनों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
मामला कैसे शुरू हुआ
सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि थाना तहसील कैंप क्षेत्र की दिनानाथ कॉलोनी निवासी मोहन उर्फ शिव ने शिकायत दी थी कि वह ई-रिक्शा चालक है। करीब एक सप्ताह पहले उसे एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप कॉल पर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।
9 सितंबर की रात जब वह परिवार के साथ घर पर सो रहा था, तो करीब 12 बजे घर की घंटी बजने के साथ ही गोली चलने की आवाज आई। डर के कारण परिवार ने बाहर निकलने की हिम्मत नहीं की। बाद में सीसीटीवी फुटेज में दो युवकों को घर के बाहर फायरिंग करते देखा गया। एक गोली मकान में भी लगी। इस शिकायत पर थाना तहसील कैंप पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
एसपी भूपेंद्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआईए-3 टीम को आरोपियों की तलाश का जिम्मा सौंपा। गुप्त सूचना पर पुलिस ने सोमवार देर शाम सेक्टर-25 स्थित जिमखाना क्लब के पास खाली ग्राउंड से दोनों आरोपियों को हथियारों सहित पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान जावा कॉलोनी निवासी आकाश पुत्र बलवान और इंद्रा कॉलोनी निवासी पिंकू पुत्र कृष्णपाल के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आकाश से 3 देसी पिस्तौल और 4 कारतूस, जबकि पिंकू से 2 पिस्तौल, 2 कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ।
पूछताछ में दोनों ने मोहन से वसूली का दबाव बनाने के लिए फायरिंग करने की बात स्वीकार की।
अन्य वारदातों में भी शामिल
इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने अपने साथियों के साथ 12 अगस्त को वधावाराम कॉलोनी निवासी मांगेराम से देवी मंदिर के पास मारपीट की थी और 19 अगस्त को नूरवाला की इंद्रा विहार कॉलोनी में गोदाम संचालक मोहन पर डंडों और गंडासियों से हमला किया था। इन वारदातों को लेकर थाना तहसील कैंप में अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं।
लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
दोनों आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं और फरवरी में ही बेल पर बाहर आए थे। इनके खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला, चोरी के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत आठ-आठ मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी और असलहा सप्लाई करने वालों तक पहुंचने की कोशिश होगी।
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Author: haryanadhakadnews
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