मुस्लिम परिवार में जन्मे असद खान ने सनातन धर्म में अपनी आस्था को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए सोमवार को वाराणसी में विधिवत घर वापसी की। असद खान बजरंग बली के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं और स्वयं को शिवभक्त भी बताते हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से उनका झुकाव सनातन परंपराओं की ओर रहा है।
असद ने बताया कि कुछ समय पहले वह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन वहां कुछ लोगों द्वारा उनकी पहचान हो जाने के कारण उन्हें मंदिर में दर्शन नहीं करने दिए गए। इस घटना से वह मानसिक रूप से आहत हो गए थे और तभी उन्होंने सनातन धर्म में लौटने का अंतिम निर्णय ले लिया था।
सोमवार को वाराणसी में गंगा नदी के बीच एक नाव पर पारंपरिक वैदिक विधि से उनकी घर वापसी कराई गई। इस दौरान 21 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चारण किया और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी कराई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद असद खान को नया सनातन नाम ‘अथर्व’ दिया गया।
पूरे आयोजन के दौरान वैदिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया। आयोजकों के अनुसार, यह घर वापसी पूरी तरह स्वेच्छा से और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप संपन्न हुई। असद—अब अथर्व—ने कहा कि वह सनातन धर्म में लौटकर आत्मिक शांति और संतोष का अनुभव कर रहे हैं।
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Author: haryanadhakadnews
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