महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्य की भाषा नीति को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी भाषा को अनिवार्य रखा जाएगा, जबकि अन्य भारतीय भाषाएं वैकल्पिक रूप में उपलब्ध रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि मराठी महज संवाद की भाषा नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान और आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा ने राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना को आकार दिया है।
मराठी भाषा के संवर्धन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार मराठी को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करेगी और इसे पूरे देश में लोकप्रिय बनाने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मराठी भाषा को अभिजात भाषा (Classical Language) का दर्जा दिया गया है, जो मराठी के गौरव और महत्व को दर्शाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब अगला लक्ष्य मराठी को व्यापक जनस्वीकृति और राष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
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Author: haryanadhakadnews
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