प्रदेश में घर या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। राज्य सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क यानी External Development Charges (EDC) में 10 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। नई दरें एक जनवरी से प्रभावी हो चुकी हैं, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में लागत बढ़ना तय माना जा रहा है।
EDC वह शुल्क होता है जो सरकार द्वारा डेवलपर्स से प्रोजेक्ट एरिया के आसपास सड़कों, सीवरेज, जलापूर्ति, बिजली, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लिया जाता है। यह शुल्क सीधे तौर पर बिल्डरों पर लगता है, लेकिन आमतौर पर इसकी अतिरिक्त लागत खरीदारों और निवेशकों पर डाल दी जाती है।
सभी प्रकार के प्रोजेक्ट होंगे प्रभावित
सरकार द्वारा बढ़ाई गई EDC दरें निम्न सभी श्रेणियों पर लागू होंगी—
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आवासीय (Residential)
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औद्योगिक (Industrial)
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वाणिज्यिक (Commercial)
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कंबाइंड यूज (Mixed/Combined Use Projects)
इस निर्णय के बाद स्पष्ट है कि आने वाले समय में फ्लैट, प्लॉट और कमर्शियल स्पेस की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
खरीदारों पर पड़ेगा सीधा असर
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बिल्डर EDC में हुई बढ़ोतरी को अपने प्रोजेक्ट की कुल लागत में जोड़ेंगे और अंततः इसका बोझ ग्राहकों पर आएगा। खासकर नए लॉन्च होने वाले प्रोजेक्ट्स में कीमतें पहले की तुलना में अधिक हो सकती हैं।
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मिडिल क्लास के लिए घर खरीदना और कठिन होगा
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निवेशकों के लिए भी एंट्री कॉस्ट बढ़ेगी
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रेडी-टू-मूव और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स दोनों महंगे हो सकते हैं
क्यों बढ़ाया गया EDC?
सरकार का तर्क है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत है। शहरों के बाहरी इलाकों में विकसित हो रहे नए सेक्टरों में सड़कों और अन्य सुविधाओं पर भारी खर्च हो रहा है, जिसके चलते EDC में संशोधन किया गया।
बाजार में तेजी से बढ़ सकती हैं कीमतें
विशेषज्ञों का मानना है कि—
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बिल्डर नई दरों के आधार पर प्राइसिंग रीसेट करेंगे
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प्रोजेक्ट लॉन्च से पहले लागत का पुनर्मूल्यांकन होगा
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जमीन और निर्माण लागत पहले से ही ऊंची होने के कारण यह वृद्धि अतिरिक्त दबाव डालेगी
इसका असर खासतौर पर उन शहरों में ज्यादा दिखाई देगा जहां बड़े पैमाने पर हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं।
निवेश के फैसलों पर भी असर
EDC बढ़ने से प्रॉपर्टी में निवेश महंगा हो जाएगा। छोटे निवेशकों के लिए रियल एस्टेट में एंट्री और कठिन हो सकती है। वहीं, बिल्डरों की ओर से भी प्रोजेक्ट्स की कीमतें बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।
कुल मिलाकर, यह फैसला राज्य में प्रॉपर्टी बाजार को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाला माना जा रहा है और आम लोगों के लिए घर खरीदना अब पहले से ज्यादा महंगा साबित हो सकता है।
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Author: haryanadhakadnews
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