बांग्लादेश में हिंसा भड़कने के बाद से ही भारत के साथ रिश्तों में खटास देखने को मिल रही है। हालांकि भारतीय राजदूत के अनुसार, भारत और बांग्लादेश के रिश्ते इतने कमजोर नहीं हैं। दोनों देशों के संबंध स्थायी है, जो लंबे समय तक मजबूत बने रहेंगे।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कथित भड़काऊ भाषण के बाद बांग्लादेश ने भारतीय राजदूत प्रणय वर्मा को तलब किया था। इसके बाद प्रणय वर्मा ने एक इवेंट के दौरान दोनों देशों के रिश्तों पर खुलकर बात की है।
भारतीय राजदूत का बड़ा बयान
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से ही शेख हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की अदालत ने उन्हें हिंसा का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। प्रणय वर्मा के अनुसार, “बांग्लादेश के साथ हमारे रिश्ते अस्थायी नहीं, बल्कि स्थाई हैं। हमारे संबंध खून और बलिदान से बने हैं, जो इतनी आसानी से कमजोर नहीं हो सकता है।”
प्रणय वर्मा के अनुसार,
1971 के युद्ध में भारत, बांग्लादेश के लोगों के साथ डटकर खड़ा रहा। लोकतंत्र, शांति, प्रगति और समावेशी राष्ट्र के लिए भारत अपना समर्थन जारी रखेगा। 1971 के बाद दोनों देशों ने लंबा सफर तय किया है और दोनों देश अब तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं।
विजय दिवस
बता दें कि कल (16 दिसंबर) को बांग्लादेश की आजादी की 54वीं वर्षगांठ है। 1971 के मुक्ति युद्ध के बाद बांग्लादेश, पाकिस्तान से आजाद हुआ था। इस दिन को बांग्लादेश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
बांग्लादेश ने क्यों भेजा समन?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की गुहार लगाई है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब करते हुए कहा, भारत में शेख हसीना भड़काऊ भाषण दे रही हैं, जो चिंताजनक है। वो अपने समर्थकों को आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसा रही हैं। उनका उद्देश्य आगामी चुनाव को विफल करना है।
बांग्लादेश में जल्द होंगे आम चुनाव
बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव का एलान किया गया है। हालांकि, शेख हसीना की आवामी लीग ने इन चुनावों को खारिज करते हुए निष्पक्ष अंतरिम सरकार की निगरानी में चुनाव करवाने की अपील की है, जिससे यह चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो सकें।
Author: haryanadhakadnews
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