
धाकड़ न्यूज़: आजकल क्षेत्रीय गानों में बढ़ रहे बंदूक, शराब, तलवार व अन्य हथियार के कल्चर को लेकर कलाकारों में आपस में बहस चढ़ गई है और प्रदेश सरकार इन मामलों में बदमाशी कल्चर को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर कानून बनाने के लिए भी तैयार है। मामला तबसे ज्यादा बढ़ गया है जबसे मासूम शर्मा के कुछ गाने बैन कर दिए गए हैं। इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यहां तक कह दिया है कि अगर हमें जरूरत पड़ी तो बदमाश्ली कल्चर वाले गानों को रोकने के लिए हम विधानसभा में कानून बनाने के लिए भी तैयार हैं।
हरियाणा पुलिस की साइबर सेल कर रही कार्रवाई की तैयारी
वहीं अब हरियाणा पुलिस के साइबर से सेल की टीम ऐसे गानों को रोकने के लिए जिन गानों में शराब बंदूक और हथियारों का प्रदर्शन किया जाता है इन सभी गानों को सोशल मीडिया से हटाने के लिए तैयार है और कुछ गाने हटाए भी जा चुके हैं। साइबर सेल की पुलिस टीम कार्रवाई कर ऐसे गानों की लिस्ट तैयार कर ही है। इस तरह के गानों के मामले में कलाकार भी सोशल मीडिया पर लगातार अपनी राय रख रहे हैं गायक मासूम शर्मा ने कहा है कि यदि सरकार हमें न्याय नहीं देगी तो हमें हाइकोर्ट का दरवाजा का खटखटाना पड़ेगा। गायक अमित सैनी ने भी इस मामले में अपनी राय दी है उन्होंने कहा है कि हमे भाईचारा बनाए रखना चाहिए।
यह था मामला
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के गाने इंटरनेट मीडिया से डिलीट व बैन करवाने के आरोप हरियाणा सरकार के ओएसडी पब्लिसिटी एवं गायक गजेंद्र फौगाट को भारी पड़ गए। गजेंद्र फौगाट पूर्व सीएम मनोहर लाल की सरकार में ओएसडी भी रहे थे। गजेंद्र फौगाट हरियाणा सिविल सचिवालय में आठवें फ्लोर स्थित कार्यालय नंबर 50 में बैठते थे। उनसे दफ्तर ख़ाली करवा लिया और आगे भी ओएसडी बनने की संभावनाओं पर पानी फेर दिया। अब यह कार्यालय हरियाणा सरकार में सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय को दे दिया है। प्रवीण आत्रेय को कुछ दिनों यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन गजेंद्र ओएसडी पब्लिसिटी रहेंगे या नहीं, इसके लिए कोई संशोधित लेटर जारी नहीं किया गया है। शर्मा के गाने डिलीट करने का विवाद बढ़ है। और यह विवाद इतना बढ़ गया कि सरकार को जवाब देना भारी हो रहा है। यह विवाद गजेंद्र का निजी विवाद मानते हुए सरकार अब इस विवाद से पल्ला झाड़ रही है। बता दें कि अभी तक इंटरनेट मीडिया से जो गाने डिलीट हुए, उनमें 7 गाने जींद के रहने वाले प्रमुख गायक मासूम शर्मा के हैं।
बता दें की गजेंद्र फौगाट को नियुक्ति न मिलने व उनके द्वारा सचिवालय के कार्यालय को नहीं छोड़ने को लेकर गायक राकी मित्तल ने भी इंटरनेट मीडिया पर खूब उछाला था। राकी ने कहा था कि फौगाट किसी पद पर नहीं है तो सचिवालय स्थित कार्यालय पर क्यों कब्जा जमाए बैठे हैं।
Author: haryanadhakadnews
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