भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई 20 लोगों की मौत के बाद भी नगर निगम की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौट पाईं। बुधवार को निगम द्वारा जल परीक्षण और क्लोरीनयुक्त पानी की सप्लाई के प्रयास ने इस बात की पोल खोल दी कि सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जल वितरण लाइन की जांच के दौरान जैसे ही क्लोरीनयुक्त पानी छोड़ा गया, पाइपलाइन फूट गई, जिससे तेज दबाव वाला पानी नजदीकी घरों और दुकानों में घुस गया। स्थिति बिगड़ते देख निगम को आनन-फानन में सप्लाई बंद करनी पड़ी।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों से पीड़ित बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम ने कुछ दिन पहले ही लाइन में सुधार का दावा किया था। फूटी पाइपलाइन के स्थान पर पहले गड्ढा खोदा गया था, लेकिन लाइन को ठीक से जोड़ने के बिना ही गड्ढा भर दिया गया।
स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम पर सुरक्षा और गुणवत्ता पर ध्यान न देने का आरोप लगाया है और मांग की है कि ऐसी लापरवाह व्यवस्थाओं को रोका जाए।
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Author: haryanadhakadnews
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