पहलगाम और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए आतंकवाद के उभरते खतरों से निपटने के लिए अगली पीढ़ी की तैयारियों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार से शुरू हो रहा है। इस अहम सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में आतंकवाद रोधी अभियानों से जुड़ी विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। इसके साथ ही तकनीकी, कानूनी और फोरेंसिक क्षेत्र के विशेषज्ञ भी इसमें शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मौजूदा और भविष्य के खतरों तथा आतंकवाद से उत्पन्न जटिल चुनौतियों पर विस्तृत मंथन किया जाएगा।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद के विरुद्ध Whole of Government Approach के तहत एकजुट और समन्वित कार्रवाई को मजबूत करना है। इसके तहत विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने, खुफिया जानकारी के साझा उपयोग और भविष्य की नीति निर्माण की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
इस दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों के व्यावहारिक अनुभव, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) और आतंकी घटनाओं की जांच से प्राप्त सीख को साझा किया जाएगा। इससे आतंकवाद विरोधी अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आतंकवाद से निपटने की कार्रवाई का दायरा बेहद व्यापक है। इसमें विदेशों से साक्ष्य एकत्र करना, आतंकवाद विरोधी जांच में डिजिटल फोरेंसिक और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग, मुकदमों का प्रभावी प्रबंधन, कट्टरपंथ से निपटने की रणनीति, जासूसी गतिविधियां और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उभरते Hybrid Threats जैसे कई अहम पहलू शामिल हैं।
सम्मेलन के दौरान आतंकवाद के वित्तपोषण नेटवर्क को तोड़ने की रणनीतियों, आधुनिक तकनीकों और केस स्टडी पर भी चर्चा होगी। साथ ही, उभरते राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए संस्थागत क्षमताओं के सुदृढ़ीकरण और एजेंसियों की परिचालन दक्षता बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाएगा।
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Author: haryanadhakadnews
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